• The Literary Heritage

    • Language: English
    • Binding: Paperback
    • Publisher: Motilal Banarsidass
    • Genre: Literary Criticism
    • ISBN: 9788120829213
    • Pages: 172

    The Literary Heritage

    165.00175.00
  • Saundaryalahari of Sankaracarya

    V.K. SUBRAMANIAN is an eminent Sanskrit scholar, who has translated several ancient Indian, Sanskrit texts into English. He has a universalistic taste and is a polific writer on a variety of subjects ranging from astrology to art. A retired officer of the Indian Audit and Accounts Service, Sri Subramanian is also a reputed painter, who has held twenty one-man exhibitions. His paintings have won wide acclaim from art critics all over the country.

     

    • Language: English
    • Binding: Paperback
    • Publisher: Motilal Banarsidass Publishers
    • Genre: Literary Criticism
    • ISBN: 9788120802087
    • Pages: 122
  • Ret Samadhi

    About the Author

    गीतांजलि श्री के चार उपन्यास — माई, हमारा शहर उस बरस, तिरोहित, खाली जगह — और चार कहानी-संग्रह — अनुगूँज, वैराग्य, प्रतिनिधि कहानियाँ, यहाँ हाथी रहते थे — छप चुके हैं। अंग्रेजी में एक शोध ग्रन्थ और अनेक लेख प्रकाशित हुए हैं।इनकी रचनाओं के अनुवाद भारतीय और यूरोपीय भाषाओं में हुए हैं।गीतांजलि थियेटर के लिए भी लिखती हैं। फेलोशिप, रेजिडेन्सी, लेक्चर आदि के लिए देश-विदेश की यात्राएँ करती हैं.
    • Language: Hindi
    • Binding: Hardcover
    • Publisher: Rajkamal Prakashan Pvt. Ltd
    • Genre: Literary Criticism
    • Pages: 376

    Ret Samadhi

    749.00972.00
  • Puranic Encyclopaedia

    • Language: English
    • Binding: Hardcover
    • Publisher:  Motilal Banarsidass,
    • Genre: Literary Criticism
    • ISBN: 9788120805972
    • Pages: 930
    2,750.004,500.00

    Puranic Encyclopaedia

    2,750.004,500.00
  • Mati Pani Mein Sani Bauddhikta

    प्रत्येक समाज अपने विकास के क्रम में ज्ञान के अपने संस्रोत विकसित करता है , जो समझने की अन्त : दृष्टि देते हैं । किन्तु भारतीय समाज को समझने की जो दृष्टियाँ हैं उनमें औपनिवेशिकता एवं पश्चिमी ज्ञान संदर्भो की भरमार है । हमें अपने समाज को समझने के लिए देशज चिन्तन दृष्टि की आवश्यकता है । यह पुस्तक समाज विज्ञान के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण देशज चिन्तन दृष्टियों को मुख्य विमर्श का हिस्सा बनाने का एक छोटा सा प्रयास है जो कि अभी तक साहित्य , लोक या गल्प के नाम पर हाशिए पर रही हैं ।

     

    • Binding: Paperback
    • Publisher: Lokbharti Prakashan
    • Genre: Literary Criticism
    • Edition: 1, 2021
    • Pages: 160

    Mati Pani Mein Sani Bauddhikta

    160.00199.00
  • Yog Vigyan

    जन्म: बिहार के पटना जिले में। शिक्षा: पटना विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक। भारतीय रेलवे सेवा में 36 वर्षों तक विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे। इस दौरान उनका रूझान खेल के प्रति अवश्य हुआ, लेकिन योग के प्रति कोई विशेष लगाव नहीं था। सेवा निवृत्ति के पश्चात् गंगोत्री, बद्रीनाथ, उत्तर काशी, केदारनाथ आदि विभिन्न स्थानों की यात्रा के दौरान जब उनका विभिन्न सन्त-महात्माओं से परिचय बढ़ा तब उन्हीं के सान्निध्य में वह योग की ओर प्रेरित हुए तथा उनसे कई तरह की योग सम्बन्धी जानकारियाँ प्राप्त कीं। चन्द्रभानु गुप्त ने अपनी उन्हीं जानकारियों को शब्द दिये हैं इस महत्त्वपूर्ण पुस्तक में।.

     

     

    • Language: Hindi
    • Binding: Hardcover
    • Publisher: Rajkamal Prakashan Pvt. Ltd
    • Genre:  Literary Criticism
    • ISBN: 9788183616096
    • Pages: 179

    Yog Vigyan

    549.00595.00
  • Jonathan Livingston Seagull

    रिचर्ड बाख़ इल्यूजंस, वन और द ब्रिज अक्रॉस फॉरएवर समेत बीस अन्य पुस्तकों के लेखक हैं I यह उनकी चौथी पुस्तक है जो कई वर्षों तक न्यू यॉर्क टाइम्स की बेस्टसेलिंग सूची में शामिल रही और दशकों से लाखों लोगों को प्रेरित करती रही है I अमेरिकी वायु सेना में लड़ाकू पायलट रह चुके बाख़, विभिन्न प्रस्तुतियों के लिए देशाटन करने वाले व्यक्ति और विमान मैकेनिक हैं I

     

    • Language: Hindi
    • Binding: Paperback
    • Publisher:  Manjul Publishing House Pvt Ltd
    • Genre: Literary Criticism
    • ISBN: 9788183226110
    • Pages: 110

    Jonathan Livingston Seagull

    169.00199.00

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